Overthinking Se Kaise Bache, Jyada Sochna Kaise Band Kare | ज्यादा सोचने से कैसे बचें। Hindi

 Overthinking Se Kaise Bache, Jyada Sochna Kaise Band Kare, ज्यादा सोचने से कैसे बचें। Hindi

Jatin Poriya


अमेरिकन फिलोसकर विलियम जेम्स कहां करते थे, 

"हमारे Thought हमारा Perception बन जाते हैं, 

हमारा perception हमारी reality, 

तो अपने Thought को बदलकर अपनी reality को बदलो"

          दोस्तो हमारी सोच ही हमारा आज और आने वाले कल को डिसाइड करती है। लेकिन अगर यही सोच हद से ज्यादा चिंता और हद से ज्यादा सोचने की आदत में बदल जाए तो यह हमें Physically और Mentally काफी नुकसान पहुंचा सकती है, 

         जिसे "Generalized Anxiety Disorder" (GAD) भी कहां जाता है और उसके 2 कॉमन और मैन लक्षण है, Overthinking और Anxiety, यानी कि ज्यादा सोचना और चिंता करना। Studies में पता चला है कि mostly overthinking करने वाले लोग ज्यादातर अपने Relationship, Money, Life, past, Future के Events और career के बारे में ही सोचते रहते हैं, लेकिन अफसोस उनके थॉट्स Negative ही होते हैं और उन्हें इस बात की चिंता रहती है की Future में कुछ Negative ही होगा और इस डर से वह बस सोचते रह जाते हैं। लेकिन लाइफ में कोई एक्शन नहीं ले पाते और दिमाग के हमेशा चलते रहने से उन्हें सोने में दिक्कत होती है, बॉडी में Pain और थकान रहती है, काम में Focus और Consonant Ration की कमी होने लगती है, और साथ ही यही ओवरथिंकिंग और चिंता "Anxiety Disorder" का रूप ले लेती है।


तो हम इसे सही समय रहते कैसे ठीक कर सकते हैं?

Number 1

"Don't Care Too Much 

and Don't Give a Damn"

         Almost हम सभी चाहते हैं कि चीजें वैसे ही चले जैसे हम चाहते हैं। लेकिन सच्चाई यही है कि हर एक चीज, सिचुएशन और लोगों को हम कंट्रोल नहीं कर सकते, हम सिर्फ खुद को कंट्रोल कर सकते हैं। यह दुनिया हमारे हिसाब से नहीं चलती। जैसे हमें दुनिया के हिसाब से चलना पसंद नहीं है, तो जिन चीजों, सिचुएशन और लोगों को हम कंट्रोल ही नहीं कर सकते, तो उनके बारे में ज्यादा सोचना ही क्यों? 

         जब भी आपको लगे या कोई भी ऐसी चीज के बारे में Overthinking और चिंता कर रहे हो जिसे आप अभी Solve नहीं कर सकते और जिसमें आपका डायरेक्ट कंट्रोल नहीं है तो मन में बोलो-

                 "I Don't Give a Damn",

मुझे फर्क ही नहीं पड़ता। क्योंकि इसमें मेरा कंट्रोल नहीं है। जिन चीजों पर अभी मेरा इस वक्त कंट्रोल है, मैं सिर्फ उन पर फोकस कर लूंगा और उन्ही को Solve करूंगा। 


Number 2

"Follow 5%, 15% & 80%

Rule"


         अगर आप को Overthinking की साइकिल से जल्द बाहर निकलना है, तो आप हमारे ये रूल फॉलो करो। 

आपको आज से ही सिर्फ 5% Past में जीना है। क्योंकि Past के Experience और Teachings याद रखना भी जरूरी है। 

         15% Future के बारे में सोचना है। क्योंकि Future Goals, Visions और Planning भी जरूरी है। 

         लेकिन लास्ट टन Most important है। आपको 80% आज में जीना है। मतलब आपको आज मैं ज्यादा जीना है Compare To Past And Future के। आज actions लेने हैं फ्यूचर में टालने की जगह। 

"जो करना है आज करना है, Future में नहीं"

         हां हमें पता है कि आप Percentage नाप नहीं सकते। लेकिन यह सिर्फ एक EXAMPLE है, जिससे आपको idea लग सके कि past, future और present को कितनी Importent देनी है और कितनी नहीं। 


 Number 3

"Analyze Your Worries

and Solve"


         इसके लिए यहां पर पेपर शीट के लेफ्ट हैंड साइड पर अपनी सारी Worries और चिंताएं लिखो जो आपके Mind में है।

         अब इनमें से जिन पर आपका कोई कंट्रोल नहीं है, जिन्हें आपने खुद ही अपने दिमाग में Create किया हुआ है। उन Thoughts और Worries को आप पेन से काट दो। अब आपके पास सिर्फ वही Thoughts और Worry बचेंगे जिन पर आपका कंट्रोल है। फिर पेपर शीट के राइट हैंड साइड पर लिखो की कैसे आप उन चीजों को Solve और Change कर सकते हो जिन पर आपका कंट्रोल है। सॉल्यूशंस निकालो, और यह चीज आपको बताएगी की आपको किन चीजों के बारे में सोचना है और किन के बारे में बिल्कुल भी नहीं।


 Number 4

"control your Mind and emotion,

dont get controlled By Them"


         अपनी लाइफ की नाव का आपको खुद कैप्टन बनना ही पड़ेगा। बजाए अपने दिमाग और इमोशंस में बहने के। तो अपने माइंड ऑफ थॉट्स पर काबू करने की कोशिश कीजिए। आपके पास इसका on-off स्विच होना चाहिए। कब आपको सोचना है, और कब नहीं। 

         इसके लिए हम highly Recommend करेंगे कि आप "Meditation" जरूर कीजिए। शुरुआत में बहुत मुश्किल होगा लेकिन वक्त के साथ-साथ थोट्स पर कंट्रोल बढ़ता जाएगा। 

         और इमोशंस के लिए आप OverSensitive क्या बहुत ज्यादा इमोशनल Person बनकर मत रहो। ज्यादा किसी से Expectation, ज्यादा लोगों की बातों को सीरियसली मत लो, किसी ने अगर कुछ कह दिया, या कर दिया, तो उसके बातों को पकड़कर मत बैठे रहो, आगे बढ़ो, लाइफ में और भी चीजें हैं।


 Number 5

"Make Quick

and Right Decisions"


         किसी decision और choice को लेकर Confusion Overthinking और Anxiety को जन्म देती है।

          अगर आपको भी डिसीजन लेने में बहुत कन्फ्यूजन होती है? और आप बस सोचते ही रहते हो, कि क्या करूं या क्या नहीं?, तो आप यह देखो कि अगर मैं यह डिसीजन लेता हूं तो इसका रिजल्ट अच्छे से अच्छा क्या होगा? और बुरे से बुरा ज्यादा क्या होगा? और नहीं लेते हैं तो भी अच्छे से अच्छा क्या होगा? और बुरे से बुरा क्या होगा? आपको आपका Right answer मिल जाएगा।

         साथ ही Daily-Life के छोटे-मोटे डिसीजंस को सिर्फ 5 मिनट का टाइम दो। और जिनके बारे में सोचने में आप कई दिन यहां पर लगा देते हो। आप उन Importent और बड़े Decision को 30 मिनट का टाइम दो। उससे ज्यादा उसके बारे में मत सोचो। अगर ज्यादा प्रॉब्लमस हो रही है, तो ये देखो कि क्या यह चीज आज से 5 साल बाद या 5 हफ्ते बाद भी क्या कोई Importent रखेगी? और फिर उस प्रॉब्लम और कंफ्यूजन को उतनी ही important दो जितनी जरूरत है। जैसे ही आपको लगे कि आप उस चीज के बारे में हद से ज्यादा सोच रहे हो, तो उस वक्त खुद को वही रोक लो और उससे आगे मत सोचो और जो ठीक लगे वही डिसीजन लो।

    तो दोस्तो, अगर आप चाहते हो कि हम किसी और टॉपिक या Problem पर solution लाए तो प्लीज हमें कमेंट बॉक्स में बताएं, हम उस Problem पर solution लाने की कोशिश करेंगे। क्योकी हम यहां आपकी हेल्प करना चाहते हैं।😊

thank you for reading.

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